चार प्रकार के पुरूषार्थ

ॐ स्वस्ति अस्तु    हम  अपने जीवन में चार प्रकार के पुरूषार्थ करते हैं. यह पुरूषार्थ हमारे सामर्थ्य हैं जिनको चार भागों में बाँटा जा सकता है धर्म अर्थ काम और मोक्ष.  हमारे जीवन में यह चारों पुरुषार्थ उम्र के अलग-अलग भागों में प्रधान होती है जैसे शुरुआती 20 से 25 वर्ष हम धर्म पुरुषार्थ …

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